
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को जीएसटी सुधारों को लेकर मंत्रियों के समूह (जीओएम) के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में राज्यों के मंत्रियों को जीएसटी शासन में व्यापक सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इसमें कर दरों को घटाने और कारोबारियों के लिए अनुपालन का बोझ कम करने जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।
सीतारमण ने कहा कि जीएसटी सुधारों में प्रस्तावित बदलावों से आम आदमी, किसानों, मध्यम वर्ग और एमएसएमई सेक्टर को राहत मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सुधारों का उद्देश्य भारत को आत्मनिर्भर बनाना है और केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर व्यापक सहमति बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बीमा प्रीमियम पर मिल सकती है जीएसटी छूट
बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मंत्रियों का समूह स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम को जीएसटी से छूट देने का प्रस्ताव रखेगा। हालांकि, इस मुद्दे पर कुछ राज्यों की राय अलग-अलग है।
दो टैक्स स्लैब का प्रस्ताव
वर्तमान में जीएसटी की दरें 5%, 12%, 18% और 28% हैं। नए प्रस्ताव के तहत इन्हें घटाकर केवल दो स्लैब — 5% और 18% तक सीमित करने का सुझाव दिया गया है। जबकि लग्ज़री और हानिकारक उत्पादों पर 40% टैक्स लगाने का प्रस्ताव है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि बीमा पर टैक्स में कमी की जाए, मुआवज़ा सेस के लिए अन्य प्रावधान किए जाएं और मौजूदा टैक्स स्लैब की जटिलताओं को दूर किया जाए।









