
चंडीगढ़ – पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री और अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार से दो हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने इस मामले में 23 सितंबर के लिए नोटिस भी जारी किया है।
जस्टिस त्रिभुवन दहिया की एकल बेंच ने यह आदेश उस याचिका पर दिए हैं, जो मजीठिया ने अमृतसर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज मामले को लेकर दायर की थी। यह मामला 31 जुलाई को आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।
फिलहाल मजीठिया नाभा जेल में बंद हैं। उनकी ओर से पेश हुए वकीलों ने अदालत को बताया कि यह मुकदमा पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और उनके मुवक्किल को लंबे समय तक सलाखों के पीछे रखने के लिए कई मामलों में झूठे आरोपों के जाल में फंसाया जा रहा है।









