
मोहाली: शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को मंगलवार को मोहाली अदालत से बड़ी राहत मिली। अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि मजीठिया अपने वकीलों और अधिकृत व्यक्तियों से बिना किसी रोक-टोक के और व्यक्तिगत रूप से मुलाक़ात कर सकेंगे।
अदालत ने यह फैसला उस समय सुनाया जब बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि नाभा ज़िला जेल में मजीठिया से मुलाक़ात के दौरान प्रशासन कई बाधाएँ खड़ी कर रहा था। उनके अनुसार मुलाक़ात का समय घटा दिया जाता था और परिवार के सदस्यों को मिलने नहीं दिया जाता था।
जज हरदीप सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि मजीठिया के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। इस आदेश के बाद अब वे अपने करीबी लोगों से स्वतंत्र रूप से मिल सकेंगे।
बैरक बदलने की अर्जी पर अदालत ने हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करने को कहा है। साथ ही जेल प्रशासन को यह निर्देश दिया गया है कि मजीठिया की निगरानी नियमित और समयबद्ध तरीके से की जाए। बचाव पक्ष ने पहले आरोप लगाया था कि मजीठिया को सजायाफ्ता कैदियों के बीच कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है।









