
नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगाए गए “वोट चोरी” के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। आयोग ने इन आरोपों को “अतार्किक और निराधार” कहते हुए अनूठी चुनौती दी:
“या तो शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करें, या देश से माफी मांगे।”
आयोग ने स्पष्ट किया कि अगर राहुल गांधी अपने विश्लेषण और निष्कर्षों में विश्वास रखते हैं, तो उन्हें शपथ-पत्र पर हस्ताक्षर करने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। ऐसा न करने पर यह साबित होगा कि वह अपनी ही बॉयाना विवादास्पद मानते हैं।
कई बार राहुल ने “लोकतंत्र के प्रति खट्टा आरोप” लगाए — लेकिन लिखित शिकायत दर्ज नहीं की।
कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारियों ने उन्हें आरोप साबित करने के लिये फॉर्मल डिक्लेरेशन भेजा।
राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया में कहा कि उन्होंने पहले ही संविधान की शपथ ली है — और ऑडिट योग्य वसूली की मांग की।









