
चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारत की यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से मुलाकात की। विशेषज्ञों के अनुसार, वांग यी की यह यात्रा न केवल भारत-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका असर पड़ोसी देशों बांग्लादेश और पाकिस्तान पर भी देखा जा सकता है। चीन ने साफ किया है कि भारत और पाकिस्तान उसके लिए बेहद अहम पड़ोसी हैं और वह दोनों देशों के साथ दोस्ताना और सहयोगी रिश्ते कायम करना चाहता है।
जब भारत और चीन आपसी रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहे हैं, उसी समय चीन ने भारत और पाकिस्तान को भी अपने संबंध बेहतर करने की सलाह दी है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूद मुद्दों को दोनों देशों को आपसी बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि बातचीत के माध्यम से दोनों देश किसी सकारात्मक और सही समाधान तक पहुंचेंगे।
चीन का बदला रुख
ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष में चीन, पाकिस्तान के समर्थन में खड़ा नजर आया था। पाकिस्तान, चीन का अहम सहयोगी है और वह बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) का भी प्रमुख हिस्सा है। लेकिन अब चीन दोनों देशों के बीच दोस्ती करवाने पर जोर दे रहा है। यह पहल ऐसे समय में हो रही है, जब भारत ने अमेरिका की मध्यस्थता को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। यदि चीन अपने प्रयासों में सफल होता है, तो यह अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।









