
नई दिल्ली। भारत सरकार अब चीन के साथ व्यापारिक रिश्तों में नरमी लाने की तैयारी कर रही है। सरकार का मानना है कि बदलते वैश्विक हालात और आर्थिक जरूरतों को देखते हुए दोनों देशों के बीच व्यापारिक तालमेल को नए स्तर पर ले जाना जरूरी है। इसी कड़ी में ई-कॉमर्स निर्यात हब को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है।
ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा
सरकार ई-कॉमर्स सेक्टर के जरिए छोटे और मझोले उद्यमों (MSME) को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दे रही है। इसके लिए बड़े पैमाने पर ई-कॉमर्स निर्यात हब स्थापित किए जाएंगे, जिससे घरेलू उत्पादकों को सीधे विदेशी बाजार तक पहुंच मिलेगी।अब तक चीन के साथ व्यापारिक रिश्तों में सख्ती अपनाई जा रही थी, लेकिन आने वाले समय में इन नीतियों में कुछ लचीलापन लाने पर विचार हो रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को अधिक अवसर देना और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है।
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि अगर चीन के साथ कारोबारी रिश्तों में सुधार होता है, तो भारतीय निर्यातकों को बड़ा बाजार मिलेगा। वहीं, ई-कॉमर्स निर्यात हब से छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स को भी फायदा पहुंचेगा।









