
बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश से भाजपा सांसद कंगना रनौत की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। किसान आंदोलन के दौरान किए गए विवादित ट्वीट मामले में बठिंडा की सत्र अदालत ने उन्हें 29 सितंबर को पेश होने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि इस तारीख को कंगना की व्यक्तिगत हाज़िरी अनिवार्य होगी।
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने कंगना को इस मामले में राहत देने से इनकार कर दिया था।
क्या है मामला?
साल 2021 में किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनौत ने एक ट्वीट में 87 वर्षीय महिला किसान महिंदर कौर को ‘100 रुपये लेकर धरने में शामिल होने वाली महिला’ बताया था। इस टिप्पणी के बाद महिंदर कौर ने अभिनेत्री के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया।
कंगना का तर्क है कि उन्होंने सिर्फ एक वकील की पोस्ट को रीट्वीट किया था और उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था।
महिंदर कौर का पक्ष
महिंदर कौर का कहना है कि अगर कंगना उनसे माफी मांग लेती हैं, तो वह उन्हें माफ करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि आंदोलन में उनका शामिल होना किसी लालच की वजह से नहीं था, बल्कि अपनी जमीन और हक़ की रक्षा के लिए उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया था।









