
भारी बारिश के बाद बुड्ढे नाले से फैला जहरीला पानी लुधियाना के सैकड़ों घरों में घुस गया। काले और बदबूदार पानी ने न केवल लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, बल्कि शहर की ड्रेनेज व्यवस्था और पर्यावरण सुरक्षा उपायों की असफलता को भी उजागर कर दिया।
धोखा मोहल्ला निवासी बॉबी जुनेजा ने बताया, “हर बार भारी बारिश के साथ यही हाल होता है। इस बार तो हमारे बिस्तर, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान तक सब नष्ट हो गया। सरकार ने नाले की सफाई तक नहीं करवाई, जबकि बारिश की चेतावनी पहले ही थी।”
हालात इतने बिगड़े कि जोन-बी स्थित नगर निगम का कार्यालय भी जलमग्न हो गया। कर्मचारियों को जरूरी दस्तावेज़ और उपकरण बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है।
इधर, पब्लिक एक्शन कमेटी (PAC) ने डिप्टी कमिश्नर और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) को लिखे पत्र में चेताया है कि यदि पर्यावरणीय मंजूरी (EC) की शर्तों को नजरअंदाज कर डाइंग क्लस्टरों को दोबारा चालू किया गया तो यह राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों की अवमानना होगी।









