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Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज ने बताया, किन गलतियों से नवरात्रि व्रत जाता है टूट!

Navratri fasting Rules: नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने वाला है और इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए उपवास रखते हैं. इस दौरान भक्त मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए व्रत, पूजा और जप-तप करते हैं. लेकिन व्रत रखने के अपने कुछ नियम और सावधानियां होती हैं जिनका पालन करना जरूरी है, नहीं तो व्रत खंडित हो सकता है. इसी विषय पर हाल ही में प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वह भक्तों को बता रहे हैं कि नवरात्रि का व्रत रखते समय किन-किन गलतियों से बचना चाहिए.

दूसरों के घर अन्न-जल ग्रहण करने से बचें?

प्रेमानंद महाराज के अनुसार, नवरात्रि का व्रत रखने वाले व्यक्ति को सबसे पहली और महत्वपूर्ण सावधानी यह बरतनी चाहिए कि जिस दिन वह उपवास रख रहा है, उस दिन किसी दूसरे व्यक्ति के घर जाकर खाना तो दूर, पानी तक नहीं पीना चाहिए.उनका साफ कहना है कि ऐसा करने से व्रत खंडित हो जाता है. प्रेमानंद महाराज ने यह भी सलाह दी है कि अगर संभव हो तो व्रत के दिनों में किसी के घर जाने से भी बचना चाहिए.

भोजन और सात्विकता का रखें विशेष ध्यान

व्रत में खान-पान को लेकर प्रेमानंद महाराज ने सख्त नियम बताए हैं.उन्होंने कहा है कि नवरात्रि के दौरान भक्त को प्याज और लहसुन का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए.इसके अलावा, पूरे शारदीय नवरात्रि के दौरान व्यक्ति को सात्विक जीवन व्यतीत करना चाहिए.उन्हें मांस-मदिरा से पूरी तरह दूर रहना चाहिए.

नवरात्रि के दौरान करें इन नियमों का पालन!

  • प्रेमानंद महाराज के अनुसार, व्रत के दिनों में व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का सख्ती से पालन करना चाहिए, साथ ही घर पर रहकर भगवान के नाम का जप करना चाहिए.
  • व्रत के दौरान किसी की बुराई या निंदा करने से बचना चाहिए. इन सब चीजों को करने से व्रत खंडित हो सकता है और व्रत का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है.

क्यों जरूरी हैं ये नियम?

प्रेमानंद महाराज के अनुसार, नवरात्रि केवल व्रत और उपवास का पर्व नहीं है, बल्कि यह साधना और आत्मसंयम का समय है. यदि भक्त नियमों का पालन करते हुए मां दुर्गा की आराधना करते हैं, तो उनकी कृपा अवश्य मिलती है. लेकिन लापरवाही या अनुचित आचरण से व्रत खंडित होकर उसका फल अधूरा रह जाता है.

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Posted By City Home News

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