
पटना – बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी महागठबंधन ने सक्रिय रुख अपनाते हुए ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का आयोजन किया। इस यात्रा का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किया, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD), समाजवादी पार्टी और डीएमके के वरिष्ठ नेता भी शामिल रहे।
यात्रा का मुख्य संदेश था चुनावी स्वतंत्रता और मतदाता अधिकार की रक्षा। राहुल गांधी ने कहा कि पिछले साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कथित वोट चोरी ने लोकतंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने चेतावनी दी कि अब इस अभियान का ‘हाइड्रोजन बम’ प्रभाव पड़ेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के सामने अपनी सच्चाई नहीं दिखा पाएंगे।
यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू होकर 25 जिलों और 110 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुज़री। इस दौरान रोहतास, गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सीतामढ़ी जैसे जिलों में जनता से संवाद किया गया और मतदाता अधिकारों की जानकारी साझा की गई।
महागठबंधन के नेताओं ने जोर देकर कहा कि वोट चोरी केवल चुनावी प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकार, रोजगार, शिक्षा और भविष्य के साथ छेड़छाड़ है। यात्रा का मकसद लोगों को जागरूक करना और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।









