
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री और पंजाब भाजपा के सीनियर नेता रवनीत सिंह बिट्टू मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। यह सिर्फ एक राहत अभियान नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत भी माना जा रहा है। पार्टी के अंदर इसे बिट्टू के बढ़ते कद से जोड़कर देखा जा रहा है, जो राज्य भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ की भूमिका को चुनौती दे सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, दौरे से पहले बिट्टू सोमवार शाम गुरदासपुर में राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होंगे। इसमें बाढ़ की मौजूदा स्थिति और राहत कार्यों के समन्वय पर चर्चा की जाएगी। उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग खत्म होने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री और बिट्टू के संयुक्त दौरे पर निकलने की संभावना है।
इस दौरे को खास बनाने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री के साथ पंजाब से सिर्फ बिट्टू ही मौजूद रहेंगे। आमतौर पर ऐसी जिम्मेदारी पार्टी के राज्य अध्यक्ष या शीर्ष नेतृत्व को दी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा बिट्टू को पंजाब में सिख चेहरे के रूप में आगे ला रही है, ताकि राज्य में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके।
गौरतलब है कि हाल ही में जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था, तब भी बिट्टू उनके साथ मौजूद थे। उस दौरान की तस्वीरें—जहां चौहान ट्रैक्टर पर बैठे नजर आए और जाखड़-बिट्टू बारी-बारी से ट्रैक्टर चलाते दिखे—को किसानों तक सीधी पहुंच बनाने की रणनीति के तौर पर देखा गया था।









