
अमेरिकी सरकार ने वाणिज्यिक ट्रक चालकों को दिए जाने वाले वर्क वीज़ा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है। इस निर्णय का सीधा असर भारत समेत कई देशों के उन चालकों पर पड़ेगा, जो अमेरिकी ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम करने की उम्मीद कर रहे थे।
मामले को लेकर चर्चा इसलिए और तेज हो गई है क्योंकि कुछ दिन पहले एक पंजाबी ट्रक ड्राइवर ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन को गलत दिशा में मोड़ दिया था। इस हादसे में एक कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। अमेरिकी सरकार के इस कदम को अब उस घटना से जोड़कर देखा जा रहा है।
विदेश मंत्री मार्क रूबियो ने बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी खास देश को निशाना बनाने के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कदम विदेशी ट्रक चालकों की योग्यता और सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा के लिए उठाया गया है। रूबियो ने सोशल मीडिया पर लिखा, “अमेरिकी सड़कों पर बड़े ट्रक चलाने वाले विदेशी चालकों की बढ़ती संख्या आम नागरिकों की जान को खतरे में डाल रही है और इससे अमेरिकी ट्रक ड्राइवरों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है।”
भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवर लंबे समय से अमेरिका के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में अपनी अहम भूमिका निभाते आ रहे हैं। लेकिन नए नियमों के बाद अब वर्क वीज़ा जारी नहीं होंगे। इससे भारतीय आवेदकों को वीज़ा प्रक्रिया में देरी और अस्वीकृति का सामना करना पड़ सकता है। वहीं पहले से स्वीकृत वीज़ा धारकों की भी दोबारा जांच की जाएगी। जिनके आवेदन लंबित हैं, उनके लिए अनिश्चितता और बढ़ गई है।









