
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के फैसले से भारत के कपड़ा, हीरा और झींगा कारोबार पर गहरा असर पड़ने की आशंका है। आर्थिक जगत में इस कदम को लेकर चिंता जताई जा रही है।
भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर और वरिष्ठ अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने इस फैसले को “बेहद चिंताजनक” बताया है। उनका कहना है कि भारत को किसी एक व्यापारिक साझेदार पर अधिक निर्भरता से बचना चाहिए, क्योंकि यह लंबे समय में आर्थिक जोखिम को बढ़ाता है।
राजन ने चेतावनी दी कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में व्यापार, निवेश और वित्त को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और भारत को बेहद सतर्क रणनीति अपनानी होगी।
उन्होंने कहा, “आज व्यापार अब केवल कारोबार नहीं रह गया, यह रणनीतिक हथियार बन गया है।”
राजन ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ में भारत के रूसी तेल आयात पर 25% का अतिरिक्त जुर्माना भी शामिल है।
सबसे अहम बात यह है कि जहाँ भारत को रूसी कच्चा तेल खरीदने पर कठोर कर का सामना करना पड़ रहा है, वहीं चीन और यूरोप जैसे बड़े आयातकों पर ऐसा कोई भारी टैरिफ नहीं लगाया गया है।









