
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस 2025 पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए एक बड़ी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सोची-समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी बदली जा रही है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक एकता पर संकट मंडरा रहा है।
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि घुसपैठिए न केवल देश के युवाओं की रोज़गार छीन रहे हैं, बल्कि बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं और भोलेभाले आदिवासियों को गुमराह कर उनकी ज़मीनों पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने इसे देश की एकता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा बताया।
मोदी ने कहा, “कोई भी देश अपने देश को घुसपैठियों के हवाले नहीं कर सकता। हमारे पूर्वजों ने त्याग और बलिदान से हमें यह स्वतंत्र भारत दिया है। उनका सम्मान यही है कि हम इस तरह की हरकतों को स्वीकार न करें।”
इस दौरान प्रधानमंत्री ने हाई पावर ‘डेमोग्राफी मिशन’ शुरू करने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यह मिशन तय समयसीमा में सुविचारित और सुनिश्चित तरीके से घुसपैठ और डेमोग्राफिक परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करेगा।









