
देश में स्वरोज़गार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) की शुरुआत की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे कारोबारियों, स्ट्रीट वेंडर्स और स्वरोज़गार करने वालों को बिना किसी गिरवी के आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 तक इस योजना के तहत 52 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को ऋण प्रदान किया जा चुका है।
20 लाख तक का लोन बिना गारंटी
मुद्रा योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपना नया व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करने के लिए ₹50,000 से लेकर ₹20 लाख तक का लोन ले सकता है। यह योजना कम ब्याज दर और आसान प्रक्रिया के कारण बेहद लोकप्रिय रही है।
किसे मिल सकता है लाभ?
इस योजना का फायदा किसी भी भारतीय नागरिक को मिल सकता है जो व्यवसाय कर रहा है या नया व्यवसाय शुरू करना चाहता है। आवेदक किसी भी बैंक, माइक्रोफाइनेंस कंपनी (MFI) या एनबीएफसी के माध्यम से आवेदन कर सकता है।
तीन श्रेणियों में मिलता है लोन
मुद्रा योजना के तहत ऋण को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
- शिशु: ₹50,000 तक का ऋण
- किशोर: ₹50,000 से ₹5 लाख तक का ऋण
- तरुण/तरुण प्लस: ₹5 लाख से ₹20 लाख तक का ऋण
मुद्रा लोन की ब्याज दर सरकार तय नहीं करती, बल्कि यह बैंक द्वारा निर्धारित की जाती है। सामान्यत: यह दर 8% से 10% वार्षिक रहती है।
आवेदन की प्रक्रिया
मुद्रा लोन के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है।
- ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल www.udyamimitra.in पर जाएं।
- ऑफलाइन आवेदन के लिए किसी नज़दीकी बैंक, NBFC या MFI शाखा में संपर्क करें।
- अधिक जानकारी के लिए mudra.org.in पर विजिट करें।









