नई दिल्ली/अयोध्या:
राम मंदिर के चढ़ावे की कथित अनियमितताओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि 25 जून की रात हरिद्वार में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने चंपत राय से नाराजगी जताई और उन्हें पद छोड़ने की सलाह दी।
हालांकि, इन दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न तो RSS और न ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी किया गया है।
चढ़ावे को लेकर बढ़ा विवाद
राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की व्यवस्था और उसकी सुरक्षा को लेकर हाल के दिनों में सवाल उठे हैं। इसी बीच चढ़ावे की रकम के प्रबंधन और कथित चोरी की घटनाओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) भी सक्रिय है। इस पूरे मामले ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर बहस छेड़ दी है।
सूत्रों के अनुसार, संगठन के भीतर इस मुद्दे पर गंभीर मंथन हुआ और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
हरिद्वार बैठक को लेकर चर्चाएं
कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि हरिद्वार में हुई बैठक के दौरान ट्रस्ट की कार्यशैली, बढ़ते विवादों और संगठन की छवि पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता व्यक्त की गई। इन्हीं रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि चंपत राय से पद छोड़ने के लिए कहा गया।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्षों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल चंपत राय अपने पद पर बने हुए हैं और उनके इस्तीफे को लेकर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होने के लिए आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।




