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HomeIndiaउत्तरकाशी में भारी बारिश का कहर: स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित, युद्धस्तर पर मलबा हटाने का कार्य जारी
Debris clearance work underway following a landslide due to continuous rainfall on the Gangotri National Highway near Syanachatti (or Sayana Chatti), in Uttarkashi on Friday

उत्तरकाशी (उत्तराखंड), 10 जुलाई 2026

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मॉनसून की मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। उत्तरकाशी जिले से आ रही ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कई घंटों से जारी लगातार और अत्यधिक भारी वर्षा के कारण सीमांत जनपद उत्तरकाशी में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। आज शुक्रवार को उत्तरकाशी के अंतर्गत आने वाले गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी (Sayana Chatti) के समीप एक विशाल भूस्खलन (Landslide) होने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। पहाड़ी से भारी मात्रा में गिरे मलबे, विशाल बोल्डरों और मलबे के साथ बहकर आए पेड़ों के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा अवरुद्ध हो गया है।

आपदा की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युद्धस्तर पर मलबे को साफ करने और सड़क बहाली का काम (Debris Clearance Work) शुरू कर दिया है। लगातार गिरते पत्थरों और खराब मौसम के बीच आपदा प्रबंधन की टीमें और सीमा सड़क संगठन (BRO) व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के कर्मचारी मौके पर मुस्तैदी से डटे हुए हैं।

भूस्खलन से ठप हुआ यातायात: चारधाम यात्री और स्थानीय लोग फंसे

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह उत्तरकाशी जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों और गंगा-यमुना घाटियों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। लगातार हो रही इस बारिश के कारण स्यानाचट्टी के पास की पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे मुख्य सड़क पर आ गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूस्खलन इतना भीषण था कि देखते ही देखते सड़क पर मलबे का पहाड़ खड़ा हो गया। गनीमत यह रही कि मलबे की चपेट में कोई वाहन या व्यक्ति नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

राजमार्ग बंद होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। पवित्र चारधाम यात्रा पर निकले सैकड़ों श्रद्धालु, देश के विभिन्न कोनों से आए पर्यटक और स्थानीय निवासी इस मार्ग पर फंस गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर वाहनों को सुरक्षित स्थानों, जैसे कि पास के कस्बों, होटलों और सुरक्षित पार्किंग क्षेत्रों में रोक दिया है ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।

युद्धस्तर पर जारी है मलबा हटाने का काम (Debris Clearance Operation)

भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिला आपदा परिचालन केंद्र एक्टिव हो गया। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी (DM) और आपदा प्रबंधन अधिकारी के निर्देशों पर भारी मशीनों, जैसे जेसीबी (JCB) और पोकलेन (Poclain) को तत्काल प्रभाव से घटना स्थल के लिए रवाना किया गया।

आपदा प्रबंधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “स्यानाचट्टी के पास मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। हमारी टीमें मौके पर काम कर रही हैं, लेकिन लगातार हो रही भारी बारिश और ऊपरी हिस्से से रुक-रुक कर गिर रहे पत्थरों के कारण ऑपरेशन्स में काफी रुकावट आ रही है। सुरक्षा कारणों से मशीनों को बीच-बीच में रोकना पड़ रहा है। जैसे ही मौसम थोड़ा साफ होता है, सड़क को यातायात के लिए पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा।”

नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट

लगातार हो रही बारिश का असर न केवल सड़कों पर बल्कि क्षेत्र की प्रमुख नदियों पर भी देखने को मिल रहा है। भागीरथी और यमुना समेत कई बरसाती नदी-नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने नदी तटीय क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित संवेदनशील इलाकों में रहने वाले स्थानीय लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है।

जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है:

स्थानीय पुलिस थानों और चौकियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि फंसे हुए यात्रियों को भोजन, पानी और प्राथमिक चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाई जा सकें।

चारधाम यात्रा पर मॉनसून का असर

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा वर्तमान में चल रही है और देश-विदेश से श्रद्धालु बाबा केदार, बदरी विशाल, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन हर साल की तरह इस साल भी मॉनसून के दौरान पहाड़ों में भूस्खलन यात्रा के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।

स्यानाचट्टी और नलूणा जैसे डेंजर ज़ोन में अक्सर बारिश के दिनों में पहाड़ी दरकने की घटनाएं सामने आती हैं। हालांकि, सरकार और स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही मशीनों और सुरक्षाबलों की तैनाती की हुई है ताकि मार्ग अवरुद्ध होने पर उसे न्यूनतम समय में खोला जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए उत्तरकाशी सहित उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसे देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

आप इस आपदा और यमुना नदी के प्रवाह पर इसके प्रभाव से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यह स्यानाचट्टी भूस्खलन वीडियो रिपोर्ट देख सकते हैं, जो उत्तरकाशी क्षेत्र में भारी बारिश और भूस्खलन के बाद उत्पन्न हुए जमीनी हालातों को विस्तार से दर्शाती है।

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Posted By City Home News

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