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HomeIndiaहापुड़ में आफत की बारिश: जलमग्न हुई सड़कें, अंडरपास बने तालाब; नगर पालिका के दावों की खुली पोल
Vehicles wade through waist-deep floodwater following the severe rainfall, at Alipur area in New Delhi on Thursday

हापुड़, 09 जुलाई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह हापुड़ जिले में भी पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुरुवार सुबह से ही आसमान में छाए घने काले बादलों और झमाझम बारिश के चलते शहर के अधिकांश निचले इलाके जलमग्न हो गए। इस बारिश ने जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका की मानसून पूर्व तैयारियों और नालों की सफाई के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलकर रख दी है।

शहर की मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों और रेलवे अंडरपासों में कई फीट पानी भर गया है, जिससे राहगीर, वाहन चालक और स्थानीय दुकानदार बेहद परेशान हैं।

People walk through the waterlogged underpass, in Hapur on Thursday

अंडरपास और मुख्य मार्ग डूबे, रेंगता रहा ट्रैफिक

गुरुवार को हुई भारी बारिश के बाद शहर के कई महत्वपूर्ण मार्गों और चौराहों पर 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो गया। अतरपुरा चौपला, मेरठ रोड, दिल्ली रोड, गढ़ रोड और बुलंदशहर रोड जैसी प्रमुख सड़कों पर पानी का सैलाब देखने को मिला।

सबसे खराब स्थिति शहर के रेलवे अंडरपासों और बाईपास अंडरपास की रही। रेलवे रोड और मेरठ रोड आवास विकास रेलवे पुल के पास पानी इस कदर भर गया कि लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच से पैदल गुजरना पड़ा। पानी भरने की वजह से कई दोपहिया वाहन, ऑटो रिक्शा और कारें बीच रास्ते में ही बंद हो गईं, जिसके चलते लोगों को धक्का मारकर अपने वाहनों को बाहर निकालना पड़ा।

इस भारी जलभराव के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। तहसील चौपला और प्रमुख फ्लाईओवरों के पास वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और घंटों तक लोग भीषण ट्रैफिक जाम में फंसे रहे।

A vehicle passes through the waterlogged underpass, in Hapur on Thursday

सरकारी दफ्तरों और घरों में घुसा पानी

बारिश का पानी केवल सड़कों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के कई महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों और रिहायशी इलाकों में भी घुस गया। गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), कचहरी परिसर और तहसील परिसर पूरी तरह से टापू में तब्दील नजर आए। दफ्तरों में काम से आने वाले फरियादियों के साथ-साथ खुद कर्मचारियों को भी पानी से होकर गुजरना पड़ा।

इसके अलावा, शहर के निचले रिहायशी इलाकों जैसे घास मंडी, गांधी बाजार, गढ़ी मोहल्ला, सद्दीकपुरा, प्रहलाद नगर, शिवाजी नगर, छीपीवाड़ा और कृष्णगंज में जलभराव के चलते पानी लोगों के घरों और दुकानों के भीतर तक प्रवेश कर गया। इससे स्थानीय दुकानदारों का कीमती सामान खराब हो गया और लोगों के सामने खाने-पीने और रहने का संकट खड़ा हो गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल नालों की ठीक से सफाई न होने और अतिक्रमण के कारण यही स्थिति बनती है।

शहर में मचे हाहाकार और बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए नगर पालिका और प्रशासनिक अमला हरकत में आया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) संजय कुमार मिश्रा अपनी पूरी टीम के साथ बारिश के बीच ही सड़कों पर उतरे।

प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतरपुरा चौराहा, पंडित जवाहर लाल नेहरू प्रतिमा के पास और एसडीएम सदर कार्यालय जैसी जगहों पर तुरंत जेट पंप और सक्शन मशीनें लगाईं। मशीनों के माध्यम से नालों के मुहाने (डाट) से जमा कूड़ा-कचरा साफ करवाया गया ताकि बारिश का पानी तेजी से निकल सके। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल निकासी के लिए सभी प्रमुख हॉटस्पॉट पर टीमें तैनात कर दी गई हैं।

लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश ने हापुड़ में एक दुखद हादसे को भी अंजाम दिया। जिले के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के सद्दीकपुरा मोहल्ले में गुरुवार सुबह लगातार हो रही बारिश के कारण एक जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस मलबे में दबने से 52 वर्षीय एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।

हादसे की आवाज सुनकर स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

मौसम विभाग (IMD) ने हापुड़ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 19 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले दो से तीन दिनों तक क्षेत्र में तेज हवाओं (30-50 किमी/घंटा) के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

बारिश की वजह से हापुड़ के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शहर का अधिकतम तापमान लुढ़क कर 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले रास्तों और जर्जर इमारतों से दूर रहें और बिजली के खंभों व तारों के पास जाने से बचें।

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Posted By City Home News

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