
कासगंज, 30 जून (नेशनल डेस्क): उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार दोपहर को अलीगढ़ से उड़ान भरने वाला एक दो-सीटर ट्रेनी (प्रशिक्षण) विमान तकनीकी खराबी के बाद अनियंत्रित होकर एक हाईवे के पास खेतों में क्रैश हो गया। इस हादसे में विमान उड़ा रही एक 28 वर्षीय महिला ट्रेनी पायलट गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि गिरने से पहले विमान एक हाई-टेंशन बिजली के तार से टकराया, जिससे बिजली का खंभा और तार टूट गए और विमान के परखच्चे उड़ गए।
हादसे के बाद इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायल महिला पायलट को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर और उन्नत चिकित्सा उपचार (Advanced Medical Treatment) के लिए आगरा के एक उच्च स्तरीय अस्पताल में रेफर किया गया है, जहां उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
अलीगढ़ से भरी थी उड़ान, कासगंज में हुआ हादसा
विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह विमान ‘चेतक एविएशन’ (Chetak Aviation) कंपनी का था। यह एविएशन संस्थान अलीगढ़ हवाई पट्टी से अपनी ट्रेनिंग उड़ानें संचालित करता है। सोमवार को ‘सेसना-152’ (Cessna 152) विमान, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-AFB था, एक नियमित ‘सोलो फ्लाइट’ (जिसमें पायलट अकेले उड़ान भरता है) पर था।

विमान को महाराष्ट्र की रहने वाली महिला ट्रेनी पायलट कायनात खान (पुत्री कादर खान) उड़ा रही थीं। विमान ने अलीगढ़ से सुरक्षित उड़ान भरी थी, लेकिन जैसे ही वह कासगंज जिला मुख्यालय के पास पुलिस लाइंस और एक्सप्रेस-वे/हाईवे के नजदीकी हवाई क्षेत्र में पहुंचा, अचानक विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह तेजी से नीचे की ओर आने लगा।
हाई-टेंशन बिजली लाइन से टकराया विमान
कासगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) ओ.पी. सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान हवा में करीब 50 फीट की ऊंचाई पर था, तभी अचानक उसने अपनी ऊंचाई (Altitude) खोनी शुरू कर दी। नीचे आते समय विमान वहां से गुजर रही एक हाई-टेंशन बिजली की लाइन से टकरा गया।
हादसे का प्रभाव: बिजली की भारी-भरकम तारों से टकराने के कारण जोरदार झटका लगा, जिससे बिजली के तार टूट गए और विमान का अगला हिस्सा और पंखे (Propeller) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद विमान हाईवे के किनारे बने एक खेत में जा गिरा। गनीमत यह रही कि बिजली के तारों से टकराने के बावजूद विमान में आग नहीं लगी, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।
ग्रामीणों ने मसीहा बनकर बचाई जान
जैसे ही विमान तेज आवाज के साथ खेत में गिरा, आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान, ग्रामीण और हाईवे से गुजर रहे राहगीर तुरंत दुर्घटनास्थल की ओर दौड़े। सरकारी आपातकालीन सेवाओं और एम्बुलेंस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों ने मलबे में फंसी घायल महिला पायलट को बेहद सावधानी से बाहर निकाला।
ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत प्राथमिक चिकित्सा दी और पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। पायलट कायनात को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए कासगंज जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर न्यूरो और सर्जिकल उपचार के लिए तुरंत आगरा रेफर कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पायलट की हालत स्थिर है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

पिछले चार दिनों में उत्तर प्रदेश में दूसरा बड़ा विमान हादसा
उत्तर प्रदेश में पिछले चार दिनों के भीतर ट्रेनी विमान से जुड़ी यह दूसरी बड़ी और चिंताजनक घटना है। इससे पहले 26 जून को कानपुर हवाई अड्डे पर एक अन्य ट्रेनिंग विमान के चलते हुए प्रोपेलर (पंखे) की चपेट में आने से एक ट्रेनी पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया था। बैक-टू-बैक हुई इन दो घटनाओं ने देश और राज्य में काम कर रहे फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट्स (FTIs) की सुरक्षा व्यवस्था और विमानों के रखरखाव (Maintenance) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
DGCA और उच्च स्तरीय टीमों ने शुरू की जांच
कासगंज में हुए इस क्रैश की गंभीरता को देखते हुए विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने तुरंत औपचारिक तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं। अलीगढ़ और दिल्ली से उड्डयन विशेषज्ञों की विशेष टीमें कासगंज पहुंच चुकी हैं।
- क्रैश साइट को किया गया सील: पुलिस ने सबूतों के साथ किसी भी छेड़छाड़ को रोकने के लिए दुर्घटनास्थल के चारों ओर घेराबंदी (Cordon off) कर दी है। India Today
- जांच के मुख्य बिंदु: अधिकारी तकनीकी खराबी, इंजन फेल होना, मौसम की स्थिति या मानवीय त्रुटि (Operational factors) सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
- बिजली व्यवस्था बहाल करने के प्रयास: बिजली विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं ताकि क्षतिग्रस्त हुई हाई-टेंशन लाइन को ठीक किया जा सके और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि सेसना-152 एक बेहद सुरक्षित सिंगल-इंजन, टू-सीटर विमान माना जाता है, जिसका उपयोग दुनिया भर में शुरुआती पायलट ट्रेनिंग के लिए किया जाता है। ब्लैक बॉक्स और विमान के मलबे की विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही हादसे के सटीक कारणों का पता चल सकेगा।
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