काबुल/इस्लामाबाद। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर मौजूद कथित ISIS (इस्लामिक स्टेट-खुरासान) के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन ठिकानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने के लिए किया जा रहा था।
अफगानिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई और भविष्य में भी यदि सीमा पार से खतरा पैदा हुआ तो इसी तरह के कदम उठाए जा सकते हैं। इन हमलों को हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच बढ़े सैन्य तनाव का हिस्सा माना जा रहा है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी सीमा के भीतर किसी विदेशी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। इस्लामाबाद का कहना है कि अफगानिस्तान के आरोप तथ्यहीन हैं और दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाने वाले हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में सीमा पार आतंकी गतिविधियों और जवाबी सैन्य कार्रवाइयों के कारण अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्तों में लगातार तनाव बढ़ा है। दोनों देश एक-दूसरे पर आतंकवादी समूहों को शरण देने के आरोप लगाते रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरा गई है।
फिलहाल दोनों देशों की ओर से कड़े बयान जारी किए जा रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने और विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की है। इस घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है क्योंकि इसका असर दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।




