
जलगांव (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के अमळनेर तहसील में मानसून की बारिश के बीच एक बंद पड़ी पत्थर की खदान में सेल्फी लेने गए तीन किशोर दोस्तों की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों में दो सगे दोस्त 14 वर्ष के थे, जो नौवीं कक्षा में पढ़ते थे, जबकि तीसरा दोस्त 17 साल का था। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना अमळनेर के चोपड़ा रोड पर एक फ्लाईओवर के पास स्थित बंद पड़ी पत्थर की खदान में हुई। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण इस गहरी खदान में भारी मात्रा में पानी जमा हो गया था, जिसकी गहराई लगभग 30 फीट तक पहुंच चुकी थी।
अमळनेर के सिंधी कॉलोनी इलाके के रहने वाले तीन दोस्त—मानव बंटी रतनानी (14), कार्तिक विक्की उधवानी (14) और दिनेश विजय पंजवानी (17)—शाम के समय इस खदान के पास घूमने गए थे। तीनों दोस्त खदान के बीच बने एक ऊंचे टीले जैसी जगह पर पहुंच गए और वहां मोबाइल से सेल्फी लेने लगे।
इसी दौरान, सेल्फी लेते समय एक दोस्त का पैर अचानक फिसल गया और वह सीधे 30 फीट गहरे पानी में जा गिरा। उसे डूबता देख, पास खड़े दूसरे दोस्त ने तुरंत उसका हाथ पकड़कर उसे बाहर खींचने की कोशिश की, लेकिन पानी के तेज खिंचाव के कारण वह भी संतुलन खो बैठा और अंदर चला गया। अपने दोनों दोस्तों को जिंदगी और मौत से जूझता देख, तीसरे दोस्त ने भी उन्हें बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। उसने दोनों का हाथ पकड़कर बाहर निकालने का आखरी प्रयास किया, लेकिन बदकिस्मती से पानी का बहाव और गहराई इतनी ज्यादा थी कि तीनों एक-दूसरे को बचाते-बचाते गहरे पानी में समा गए।
राहगीर और गोताखोर ने की बचाने की कोशिश
जिस समय यह हादसा हुआ, वहां से गुजर रहे एक ऑटो-रिक्शा चालक ने बच्चों को पानी में गिरते और चिल्लाते हुए देख लिया। उसने बिना वक्त गंवाए शोर मचाया और तुरंत पुलिस की आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर (112) पर फोन कर घटना की जानकारी दी।
खबर मिलते ही स्थानीय नागरिक, पुलिस प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। भीड़ में मौजूद दीपक मोरे नाम के एक स्थानीय गोताखोर ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तुरंत खदान के गहरे पानी में छलांग लगा दी। भारी मशक्कत के बाद दीपक ने तीनों लड़कों को पानी से बाहर निकाला। तीनों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए पास के ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें ‘मृत घोषित’ (Dead on Arrival) कर दिया।
परिवारों में कोहराम, पुलिस की चेतावनी
मृतकों में मानव और कार्तिक दोनों अमळनेर के पीबीए इंग्लिश मीडियम स्कूल में 9वीं कक्षा के छात्र थे, जबकि 17 वर्षीय दिनेश प्रताप कॉलेज में 11वीं का छात्र था और पढ़ाई के साथ-साथ एक स्थानीय दुकान पर काम भी करता था। तीनों बेहद कम उम्र के थे, जिससे पूरे सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस प्रशासन की सख्त अपील: स्थानीय पुलिस ने इस घटना के बाद मामला दर्ज कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मानसून के इस मौसम में नागरिकों, खासकर युवाओं और बच्चों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, झरनों, तालाबों और ऐसी खतरनाक पानी से भरी खदानों के किनारे जाने से पूरी तरह बचें। प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया की रील्स या सेल्फी के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे जाती है।




