
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने पंजाब के कई जिलों को संकट में डाल दिया है। रावी और ब्यास नदियों में उफान आने के बाद तरनतारण, पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का और फिरोजपुर जिलों के लगभग 250 गांव जलमग्न हो गए हैं। हालात को गंभीर देखते हुए पंजाब सरकार ने गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारण, कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
सरकार ने सुरक्षा कारणों से सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 27 से 30 अगस्त तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। उधर, सबसे प्रभावित क्षेत्रों में से एक पठानकोट में फंसे ग्रामीणों को निकालने के लिए भारतीय वायुसेना को तैनात किया गया। वायुसेना ने ध्रुव हेलीकॉप्टर की मदद से गुरदासपुर और पठानकोट के कई गांवों से दर्जनों लोगों को एयरलिफ्ट किया है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें नावों के जरिए लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। अब तक 92 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत कार्यों की निगरानी खुद कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल और लाल चंद कटारूचक्क कर रहे हैं। वहीं, स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि सिविल और पुलिस प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पहुंचाने के साथ-साथ भोजन, पानी और चिकित्सकीय सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहा है।
मौसम विभाग ने बुधवार को पठानकोट, गुरदासपुर, बरनाला, संगरूर और मानसा जिलों में रेड अलर्ट जारी किया था। शेष जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के बीच राज्य का औसत अधिकतम तापमान 2.6 डिग्री बढ़कर 33.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, लेकिन यह अब भी सामान्य से 5.1 डिग्री कम है। सबसे ज्यादा तापमान फरीदकोट में दर्ज किया गया।









