अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में एक नया दावा सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय कथित तौर पर शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने पहुंचे थे, लेकिन एक फोन कॉल आने के बाद बिना एफआईआर दर्ज कराए वापस लौट गए। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले में शुरुआती स्तर पर पुलिस कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान घटनाक्रम में अचानक बदलाव आया और शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। इस घटनाक्रम को लेकर अब कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, फोन कॉल के बाद आगे की कार्रवाई रोक दी गई और मामले को आंतरिक स्तर पर देखने की बात कही गई। हालांकि, संबंधित पक्षों की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं किया गया है।
इस पूरे मामले की जांच पहले से ही विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियां चढ़ावे की राशि के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दल जांच में पूरी पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जबकि मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है और सत्य सामने आने का इंतजार किया जाना चाहिए।
फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वास्तव में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हुई थी और यदि हां, तो उसे बीच में क्यों रोका गया। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने और आधिकारिक दस्तावेज सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।




