
अंबाला, 1 जुलाई 2026
हरियाणा के अंबाला जिले से एक बेहद हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है। अंबाला के धनौड़ा (धनेड़ा) गांव में एक 4 साल का मासूम बच्चा, जिसका नाम निर्भय सिंह है, खेलते-खेलते अचानक एक खुले पड़े 220 फीट गहरे और महज 9 इंच चौड़े बोरवेल में जा गिरा। घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) और भारतीय सेना (Indian Army) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और कल सुबह से शुरू हुआ यह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात चलता रहा।
मासूम निर्भय को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए देश की सर्वश्रेष्ठ रेस्क्यू टीमें बेहद कठिन परिस्थितियों में जमीन के नीचे जिंदगी की तलाश में जुटी हुई हैं। इस घटना ने एक बार फिर करीब दो दशक पुराने कुरुक्षेत्र के ‘प्रिंस बोरवेल हादसे’ की यादें ताजा कर दी हैं, जिसने पूरे देश की सांसें अटका दी थीं।
प्रार्थना सभा के बाद दादा को खाना देने गया था मासूम: कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार के घर में एक लंबे समय से प्रतीक्षित धार्मिक प्रार्थना सभा (पाठ) का आयोजन किया गया था। इस खुशी के माहौल के बाद, मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे निर्भय के दादा करनैल सिंह सुबह-सुबह अपने खेतों में काम करने के लिए चले गए थे। कुछ देर बाद निर्भय के पिता मनजीत सिंह अपने पिता (करनैल सिंह) के लिए सुबह का नाश्ता/खाना लेकर खेत की ओर जाने लगे। 4 साल का निर्भय भी अपने पिता के साथ खेत जाने की जिद करने लगा, जिसके बाद मनजीत उसे अपने साथ ले गए।
खेत में पहुंचने के बाद पिता मनजीत अपने काम में व्यस्त हो गए और दादा करनैल सिंह खाना खाने बैठे। इसी बीच मासूम निर्भय पास ही में खेलने लगा। खेलते-खेलते उसकी नजर खेत में ही खोदे गए एक खुले और असुरक्षित बोरवेल पर पड़ी। उत्सुकतावश बच्चा बोरवेल के पास गया और उसमें मिट्टी के ढेले फेंकने लगा। चूंकि बोरवेल के आसपास की जमीन गीली और फिसलन भरी थी, इसलिए अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण निर्भय पैर फिसलने से उस गहरे और संकरे अंधेरे कुएं में समा गया।
एक जोरदार आवाज सुनने के बाद जब पिता और दादा बोरवेल की तरफ भागे और निर्भय का नाम पुकारा, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। ग्रामीणों ने पहले खुद स्तर पर रस्सी के सहारे बच्चे को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिलने पर तुरंत सुबह करीब 7:30 बजे प्रशासन को सूचित किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन का पल-पल का अपडेट: तकनीक और हौसले की परीक्षा
अंबाला के उपायुक्त (DC) अजय सिंह तोमर तुरंत अपनी प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बोरवेल की चौड़ाई मात्र 9 इंच होने के कारण यह ऑपरेशन सामान्य से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण बन गया है।

रेस्क्यू टीमों की रणनीति:
- कैमरे से निगरानी: प्रशासन ने तुरंत बोरवेल के भीतर विशेष अंडरवाटर और नाइट-विजन सीसीटीवी कैमरे उतारे हैं, ताकि नीचे फंसे बच्चे की स्थिति और मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा सके।
- रस्सी और हुक तकनीक: रेस्क्यू एक्सपर्ट्स लगातार बोरवेल के भीतर विशेष हुक और मजबूत रस्सियां डालने का प्रयास कर रहे हैं ताकि निर्भय के हाथों या कपड़ों में उसे फंसाकर धीरे-धीरे ऊपर खींचा जा सके।
- समानांतर गड्ढा खोदने की तैयारी: सेना की भारी मशीनरी और पोकलेन मशीनें भी मौके पर पहुंच चुकी हैं। यदि रस्सी तकनीक पूरी तरह सफल नहीं होती है, तो बोरवेल के समानांतर एक गहरा गड्ढा खोदकर टनल (सुरंग) बनाने की वैकल्पिक योजना पर भी काम शुरू किया जा रहा है।
एसडीआरएफ (SDRF) के इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने मीडिया को बताया कि उनकी टीम पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है और पानी के रिसाव तथा ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
घटनास्थल पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, डॉक्टरों की टीम तैनात
इस दर्दनाक हादसे के बाद से निर्भय के माता-पिता गहरे सदमे (Shock) में हैं और उनकी हालत बिगड़ने पर एसडीएम (SDM) द्वारा मौके पर ही एम्बुलेंस और डॉक्टरों की एक विशेष टीम तैनात की गई है, जो माता-पिता के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है। घटनास्थल पर निर्भय के दादा-दादी और अन्य बुजुर्ग मौजूद हैं, जिनकी आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
अंबाला के सांसद (MP) वरुण मुलाना भी घटना की गंभीरता को देखते हुए फौरन मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाल रहे सैन्य और एनडीआरएफ के अधिकारियों से लगातार अपडेट लिया। सांसद ने भरोसा दिलाया कि सरकार और प्रशासन बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक चुके हैं। वहीं, गांव के सरपंच कैप्टन सिंह पूरे ग्रामीणों के साथ मिलकर रेस्क्यू टीम की मदद में जुटे हैं और पूरा गांव सामूहिक रूप से निर्भय की सलामती के लिए दुआएं मांग रहा है।
लापरवाही पर भड़के अधिकारी: बोरवेल मालिक पर होगी सख्त कार्रवाई
अंबाला के डीसी अजय सिंह तोमर ने खुले बोरवेल को लेकर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इस जानलेवा लापरवाही के लिए जिम्मेदार बोरवेल के मालिक के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) दर्ज की जाए।
डीसी तोमर ने कहा:
“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। महज 9 इंच के इस गड्ढे को एक ईंट, सीमेंट के स्लैब या एक जूट के बोरे से भी ढका जा सकता था। किसी एक व्यक्ति की लापरवाही के कारण आज एक मासूम की जान आफत में है। मैं सभी किसानों से अपील करता हूं कि अपने खेतों में किसी भी बोरवेल को खुला न छोड़ें।”
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