आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज़ रफ्तार दुनिया में अब केवल ऊंची सैलरी ही कर्मचारियों को रोकने के लिए काफी नहीं रह गई है। Google में करीब 9 करोड़ रुपये सालाना कमाने वाले एक कर्मचारी ने AI क्षेत्र में पीछे छूट जाने के डर (AI FOMO) के चलते अपनी प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर खुद का स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, Google में अकाउंट एग्जीक्यूटिव रहे यूसुफ इमरान को महसूस होने लगा था कि AI इंडस्ट्री में जिस तेजी से बदलाव हो रहे हैं, उनमें बड़ी टेक कंपनियों की सुरक्षित नौकरी भविष्य में सीमित अवसर दे सकती है। खासतौर पर OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों की तेज़ प्रगति और कर्मचारियों को मिलने वाले अवसरों ने उन्हें नया कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
AI FOMO बना नौकरी छोड़ने की वजह
यूसुफ इमरान ने बताया कि AI क्रांति के बीच उन्हें डर था कि यदि उन्होंने समय रहते जोखिम नहीं उठाया, तो वे इस बदलाव का हिस्सा बनने का मौका खो सकते हैं। उन्होंने Google की नौकरी छोड़कर Mangosteen Studio नाम से अपना AI स्टार्टअप शुरू किया, जिसका उद्देश्य AI आधारित समाधान विकसित करना है।
AI कंपनियों में बढ़ रही प्रतिभाओं की होड़
विशेषज्ञों का मानना है कि OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियां केवल आकर्षक वेतन ही नहीं, बल्कि स्टार्टअप इक्विटी और भविष्य में बड़े आर्थिक लाभ की संभावनाओं के कारण भी प्रतिभाशाली कर्मचारियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। इसी वजह से Google समेत कई बड़ी टेक कंपनियों को अपने शीर्ष AI विशेषज्ञों को बनाए रखने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
बदल रही है टेक इंडस्ट्री की सोच
हाल के वर्षों में टेक सेक्टर में छंटनी और AI के तेज़ विस्तार ने कर्मचारियों की सोच को भी बदल दिया है। अब कई पेशेवर केवल सुरक्षित नौकरी के बजाय नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और AI क्षेत्र में नई संभावनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। यूसुफ इमरान का फैसला इसी बदलते रुझान की एक बड़ी मिसाल माना जा रहा है।




