जम्मू, 30 जून (नेशनल डेस्क): वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा के औपचारिक शुभारंभ से ठीक पहले, जम्मू-कश्मीर की शीतकालीन राजधानी जम्मू में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया है। बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश की सर्वोच्च कमांडो फोर्स, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने सोमवार को ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर परिसर में एक बड़ा और हाई-टेक संयुक्त मॉक ड्रिल (सुरक्षा अभ्यास) किया।

यह अभ्यास आगामी यात्रा के मद्देनजर आतंकवाद विरोधी तैयारियों को मजबूत करने, आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल (Inter-agency coordination) को जांचने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस बार अमरनाथ यात्रा के लिए अर्धसैनिक बलों और विशेष कमांडो की अब तक की सबसे बड़ी तैनाती की गई है।
रघुनाथ मंदिर में हाई-रिस्क काउंटर-टेरर मॉक ड्रिल

सोमवार को जम्मू के प्रसिद्ध और सबसे व्यस्त धार्मिक स्थलों में से एक, रघुनाथ मंदिर में अचानक कमांडो की गतिविधियों से हड़कंप मच गया, जो कि सुरक्षा बलों के सुनियोजित मॉक ड्रिल का हिस्सा था। इस संयुक्त अभ्यास के दौरान एक अत्यधिक संवेदनशील और ‘हाई-रिस्क’ आतंकवादी हमले जैसी स्थिति का कृत्रिम माहौल तैयार किया गया।
सुरक्षा प्रवक्ता का बयान: इस विशेष अभ्यास के तहत त्वरित प्रतिक्रिया (Rapid Response), पूरे क्षेत्र की घेराबंदी (Area Domination), बंधक बचाव अभियान (Hostage Rescue), घायलों को सुरक्षित बाहर निकालना (Casualty Evacuation) और संकट के समय विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच तत्काल संचार व्यवस्था का परीक्षण किया गया।
NSG के ब्लैक कैट कमांडो और SOG के जवानों ने आधुनिक हथियारों से लैस होकर मंदिर परिसर की छतों, गलियारों और संवेदनशील प्रवेश द्वारों को अपने नियंत्रण में लिया। इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) की सत्यता को परखना था ताकि किसी भी वास्तविक सुरक्षा चुनौती का सामना पूरी ताकत और सटीकता के साथ किया जा सके। पुलिस के अनुसार, इस प्रकार के मॉक ड्रिल आने वाले दिनों में जम्मू के अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी जारी रहेंगे।
अमरनाथ यात्रा 2026: इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के मार्ग और आधार शिविरों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की 670 से अधिक कंपनियों को तैनात किया जा रहा है। यात्रा के इतिहास में अर्धसैनिक बलों की यह अब तक की सबसे व्यापक और अभूतपूर्व तैनाती मानी जा रही है।
लखनपुर (जम्मू-कश्मीर का प्रवेश द्वार) से लेकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक एक बहुस्तरीय सुरक्षा चक्र (Multi-layered security grid) तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत प्रमुख मार्ग, जैसे कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44), पठानकोट-जम्मू हाईवे, रेलवे ट्रैक और पारगमन शिविर पूरी तरह से सुरक्षा बलों के नियंत्रण में रहेंगे।

‘प्रोजेक्ट हॉक आई’ और हाई-टेक निगरानी प्रणाली
इस वर्ष सुरक्षा को अचूक बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल सर्विलांस का बड़े पैमाने पर सहारा लिया जा रहा है। अनंतनाग और जम्मू पुलिस ने विशेष सुरक्षा पहल शुरू की हैं:
- फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS): विभिन्न संवेदनशील और प्रवेश बिंदुओं पर 34 आधुनिक FRS कैमरे लगाए गए हैं, जो संदिग्ध और असामाजिक तत्वों की पहचान पलक झपकते ही कर लेंगे। datasurfr
- CCTV नेटवर्क: यात्रा के दोनों मुख्य मार्गों (पहलगाम और बालਟਾਲ) तथा जम्मू के आधार शिविरों के आसपास 416 से अधिक हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है, जिसकी चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है। datasurfr
- ड्रोन सर्विलांस: ‘प्रोजेक्ट हॉक आई’ के तहत आसमान से जमीन तक पैनी नजर रखने के लिए विशेष सर्विलांस ड्रोन तैनात किए गए हैं, जो दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों की रीयल-टाइम वीडियो फीड सुरक्षा बलों तक पहुंचाएंगे।
- स्नाइपर और मचान मोर्चे: संवेदनशील ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर 22 विशेष रूप से प्रशिक्षित स्नाइपर टीमों को तैनात किया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर निगरानी के लिए 28 ऊंचे ‘मचान मोर्चे’ (Elevated Observation Posts) बनाए गए हैं।
हाईवे पर ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ (ROP) अलर्ट
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर तीर्थयात्रियों के काफिले की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने अपनी रोड ओपनिंग पार्टी (ROP) की गश्त को तेज कर दिया है। हर दिन तड़के काफिले के रवाना होने से पहले ROP की टीमें बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) और डॉग स्क्वाड के साथ पूरे हाईवे और उसके आसपास के 4-5 किलोमीटर के दायरे की सघन चेकिंग करती हैं। हाईवे से जुड़ने वाली सभी लिंक रोड पर विशेष मोर्चेबंदी की गई है ताकि कोई भी अनधिकृत वाहन तीर्थयात्रियों के मार्ग में बाधा न बन सके।

भगवती नगर बेस कैंप तैयार, कल से ऑन-स्पॉट पंजीकरण
जम्मू का भगवती नगर यात्री निवास, जो देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं का मुख्य पड़ाव होता है, उसे पूरी तरह अपग्रेड कर दिया गया है। 30 जून से यह बेस कैंप आधिकारिक तौर पर तीर्थयात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा, जहां एक समय में 2,500 से अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तवी रिवरफ्रंट पर एक एकीकृत सुविधा केंद्र बनाया है, जहां ऑन-स्पॉट पंजीकरण, मेडिकल चेक-अप और आरएफआईडी (RFID) कार्ड जारी करने की प्रक्रिया एक ही छत के नीचे पूरी की जा सकेगी।
प्रशासन और सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी ने साफ कर दिया है कि राष्ट्र विरोधी तत्वों के किसी भी मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा और श्रद्धालु पूरी तरह से सुरक्षित और भयमुक्त माहौल में बाबा बर्फानी की पावन यात्रा संपन्न कर सकेंगे।
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