
बठिंडा, 1 जुलाई 2026
पंजाब में गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत मान के कड़े दिशा-निर्देशों पर काम कर रही पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। बठिंडा जिले में मंगलवार देर शाम पुलिस और बदमाशों के बीच एक भीषण मुठभेड़ (Encounter) हुई। इस लाइव एनकाउंटर के दौरान दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक शातिर बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इसके साथ ही घेराबंदी कर उसके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने बदमाशों के पास से विदेशी अत्याधुनिक हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पकड़े गए आरोपियों का संबंध पंजाब के बेहद खतरनाक ‘बंबीहा गैंग’ और ‘जग्गा तख्त मल गिरोह’ से होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
खुफिया इनपुट पर घेराबंदी: सरहिंद नहर की पटरी पर हुई मुठभेड़
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को एक बेहद पुख्ता खुफिया सूचना (Intelligence Input) मिली थी कि कुछ गंभीर वारदातों को अंजाम देने वाले चार संदिग्ध अपराधी बठिंडा के गांव जोगानंद के पास सरहिंद नहर की पटरी पर छिपे हुए हैं और वे किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एजीटीएफ की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर इलाके की घेराबंदी (Cordoned Off) कर दी और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान पुलिस टीम को नहर की पटरी पर दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्ध युवक आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने खुद को घिरा देख अपनी मोटरसाइकिलें मोड़ने का प्रयास किया। जब वे भागने में नाकाम रहे, तो उन्होंने पुलिस टीम पर सीधे ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

बदमाशों ने पुलिस गाड़ी पर दागीं गोलियां, बाल-बाल बचे पुलिसकर्मी
बठिंडा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बदमाशों ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए करीब चार राउंड सीधे फायर किए। बदमाशों द्वारा चलाई गईं दो गोलियां सीधे पुलिस के सरकारी वाहन (बुलेटप्रूफ गाड़ी) पर जाकर लगीं। गनीमत यह रही कि गाड़ी मजबूत थी और पुलिसकर्मियों ने तुरंत पोजीशन ले ली थी, जिसके कारण इस हमले में कोई भी पुलिसकर्मी हताहत नहीं हुआ और सभी बाल-बाल बच गए।
बदमाशों की ओर से की गई इस दुस्साहसिक फायरिंग के बाद एजीटीएफ की टीम ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई (Retaliatory Firing) की। पुलिस द्वारा चलाई गई गोली एक आरोपी के पैर में जा लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। पैर में गोली लगते ही बदमाश बेदम हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया। वहीं, उसके बाकी तीनों साथियों को भी पुलिस की टुकड़ी ने चारों तरफ से घेरकर आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया और मौके पर ही दबोच लिया।
घायल आरोपी अस्पताल में भर्ती, पकड़े गए बदमाशों की हुई पहचान

मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली से घायल हुए आरोपी की पहचान गुरविंदर सिंह के रूप में हुई है, जो गांव रोड़ी (सिरसा, हरियाणा) का रहने वाला है। उसे तुरंत भारी पुलिस सुरक्षा के बीच इलाज के लिए बठिंडा के शहीद भाई मनी सिंह सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
इसके अलावा, मौके से गिरफ्तार किए गए अन्य तीन आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- जश्नीदप सिंह (निवासी गांव दुल्लेवाला, बठिंडा)
- सुखचैन सिंह (निवासी गांव सलाबतपुरा, बठिंडा)
- गुरदीप सिंह (निवासी गांव सलाबतपुरा, बठिंडा)
ग्लॉक पिस्तौल सहित भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों और घटनास्थल की सघन तलाशी ली, तो उनके कब्जे से बेहद घातक और प्रतिबंधित हथियार बरामद हुए। पुलिस ने आरोपितों के पास से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
- एक 9 एमएम ग्लॉक (Glock) पिस्तौल: यह एक आस्ट्रिया निर्मित बेहद आधुनिक पिस्तौल है, जिसका इस्तेमाल अक्सर बड़े गैंगस्टरों द्वारा किया जाता है।
- एक .30 बोर पिस्तौल: यह भी एक अवैध और अचूक मारक क्षमता वाला हथियार है।
- पांच जिंदा कारतूस: जो बदमाश चलाने की फिराक में थे।
- खाली खोखे (Khol): जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
- दो मोटरसाइकिलें: जिनका इस्तेमाल वे वारदातों को अंजाम देने और भागने के लिए कर रहे थे।
बंबीहा और जग्गा तख्त मल गैंग से कनेक्शन की आशंका
प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी आदतन अपराधी हैं और पंजाब के कई थानों में हत्या, प्रयास-ए-हत्या, डकैती और आर्म्स एक्ट के तहत वांछित (Wanted) चल रहे थे। पुलिस को पुख्ता संदेह है कि यह मॉड्यूल सीधे तौर पर बंबीहा गैंग और जग्गा तख्त मल गिरोह के लिए काम कर रहा था।
हालांकि, बठिंडा के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे आरोपियों को रिमांड पर लेकर सघन पूछताछ करेंगे, जिसके बाद ही उनके अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय गैंगस्टरों के साथ कनेक्शन की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन बदमाशों को ये आधुनिक विदेशी हथियार किसने और किस रास्ते से सप्लाई किए थे।
एक दिन पहले ही युवक को गोली मारकर लूटे थे ₹3000
जांच के दौरान एजीटीएफ ने एक और बड़ा खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों ने इस मुठभेड़ से ठीक एक दिन पहले यानी सोमवार को भी बठिंडा के गांव बुर्ज राजगढ़ के पास एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। इन बदमाशों ने गांव कांगड़ के रहने वाले हुसनप्रीत सिंह नाम के एक युवक पर सरेराह फायरिंग की थी, जिसमें हुसनप्रीत गंभीर रूप से घायल हो गया था।

वारदात को अंजाम देने के बाद ये आरोपी घायल हुसनप्रीत से करीब तीन हजार रुपये की नकदी लूटकर मौके से फरार हो गए थे। इसी मामले को लेकर बठिंडा पुलिस और एजीटीएफ की टीमें लगातार इन बदमाशों के सुराग तलाश रही थीं और आखिरकार 24 घंटे के भीतर इन्हें मुठभेड़ के बाद दबोच लिया गया।
थाना थर्मल में संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही बठिंडा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (SSP और अन्य आला अफसर) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से गोलियों के खोखे और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ बठिंडा के थाना थर्मल में हत्या के प्रयास (IPC की धारा 307/नया कानून भारतीय न्याय संहिता), पुलिस टीम पर हमला करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) और डकैती से जुड़ी अन्य गंभीर धाराओं के तहत नया मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल आरोपी की स्थिति ठीक होने के बाद सभी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, जिससे कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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