
सूरत, 30 जून 2026
गुजरात के हीरा शहर कहे जाने वाले सूरत में मानसून की पहली जोरदार बारिश ने दस्तक दे दी है। लेकिन इस सुखद शुरुआत के साथ ही शहर की ड्रेनेज व्यवस्था और नगर निगम (SMC) के दावों की कलई भी खुलकर सामने आ गई है। मंगलवार को हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के चलते सूरत शहर के कई निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर पानी भरने से लेकर कई आवासीय और संस्थागत परिसरों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
इसी बीच सूरत के एक स्थानीय स्कूल से बेहद चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं, जहां भारी जलजमाव के कारण स्कूल परिसर के ग्राउंड में पार्क की गई एक स्कूल बस पानी में आधी डूब गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय स्कूल में छुट्टियां थीं (या बच्चे बस में मौजूद नहीं थे), जिसके कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
स्कूल परिसर बना ‘तालाब’, घुटनों तक डूबी बस
मंगलवार को सूरत शहर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में तड़के से ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। कुछ ही घंटों की तेज बारिश में सूरत के उधना, लिंबायत, वਰਾછા और कतारगाम जैसे कई इलाके पानी-पानी हो गए। इसी दौरान एक स्थानीय विद्यालय के परिसर में भारी मात्रा में पानी जमा हो गया।
परिसर में खड़ी स्कूल बस के पहिए और उसका निचला हिस्सा पूरी तरह से पानी में समा गया। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग को जैसे ही इसकी सूचना मिली, उन्होंने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर स्कूल बस की यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने सूरत नगर निगम (Surat Municipal Corporation) की प्री-मानसून तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहली ही बारिश में खुली नगर निगम की पोल, स्थानीय लोगों में भारी रोष
सूरत में हर साल मानसून के दौरान जलभराव एक गंभीर समस्या बनकर उभरता है। इस साल भी नगर निगम ने करोड़ों रुपये के बजट के साथ ड्रेनेज सफाई और प्री-मानसून मेंटेनेंस का दावा किया था। हालांकि, मंगलवार को हुई कुछ ही घंटों की बारिश ने इन दावों को पूरी तरह धो दिया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन केवल कागजों पर काम करता है। कतारगाम और उधना के स्थानीय निवासियों ने मीडिया से बात करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया:
“हर साल हम इसी तरह की दिक्कतों का सामना करते हैं। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है, जिससे गाड़ियां बंद हो जाती हैं और पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। अगर पहली ही बारिश में स्कूल के अंदर खड़ी बसें डूब रही हैं, तो आने वाले पूरे मानसून सीजन में बच्चों की सुरक्षा का क्या होगा?”
बारिश की वजह से शहर के प्रमुख अंडरपास (जैसे रेलवे अंडरपास) को सुरक्षा के लिहाज से बंद करना पड़ा है, क्योंकि वहां कई फीट तक पानी जमा हो चुका है।
यातायात पूरी तरह प्रभावित, कई इलाकों में लगा लंबा ट्रैफिक जाम
सूरत की लाइफलाइन कही जाने वाली मुख्य सड़कों पर पानी भरने के कारण सुबह दफ्तर और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए निकले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रिंग रोड, टेक्सटाइल मार्केट एरिया और नवसारी बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं। टू-व्हीलर चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी, क्योंकि पानी साइलेंसर में घुसने के कारण दर्जनों गाड़ियां बीच सड़क पर ही बंद हो गईं।
ट्रैफिक पुलिस के जवानों को स्थिति को संभालने के लिए पानी के बीच खड़े होकर ड्यूटी करनी पड़ी। नगर निगम की ओर से विभिन्न इलाकों में डि-वाटरिंग पंप (पानी निकालने वाली मशीनें) लगाए गए हैं, लेकिन बारिश की रफ्तार इतनी तेज है कि पानी निकालने की प्रक्रिया काफी धीमी साबित हो रही है।
मौसम विभाग (IMD) का अलर्ट: अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सूरत सहित पूरे दक्षिण गुजरात के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर से उठने वाली मानसूनी हवाएं इस समय काफी सक्रिय हैं, जिसके कारण अगले 48 से 72 घंटों तक सूरत, नवसारी, वलसाड और तापी जिलों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।
प्रशासन ने तटीय इलाकों के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। इसके साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
सुरक्षा के लिए नगर निगम और आपदा प्रबंधन की गाइडलाइंस
बढ़ते जलभराव और भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें: जलमग्न सड़कों या अंडरपास से वाहन निकालने की कोशिश बिल्कुल न करें।
- बिजली के खंभों से दूरी बनाएं: बारिश के मौसम में शॉर्ट सर्किट या करंट उतरने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए खुले तारों और खंभों से दूर रहें।
- बच्चों की सुरक्षा: स्कूल परिसरों और मैदानों में पानी जमा होने की स्थिति में बच्चों को अकेले बाहर न भेजें।
- इमरजेंसी नंबर: किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत सूरत नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर या आपदा प्रबंधन कक्ष से संपर्क करें।
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