पंजाब में लगातार हो रही अनशेड्यूल बिजली कटौती को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। बढ़ती गर्मी के बीच बार-बार बिजली गुल होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर लुधियाना में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Kewal Singh Dhillon और Amrinder Singh Raja Warring ने किया। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य की Aam Aadmi Party सरकार बिजली व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल रही है। उनका कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना के लगाए जा रहे बिजली कटों से घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व्यापारियों और उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग घंटों तक बिजली के बिना रहने को मजबूर हैं, जबकि शिकायतों का समय पर समाधान भी नहीं हो रहा।
वहीं राजा वड़िंग ने कहा कि लगातार बिजली कटौती से आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अनशेड्यूल बिजली कटौती पर तुरंत रोक लगाई जाए और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो कांग्रेस राज्यभर में आंदोलन को और तेज करेगी।
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया तथा मांग की कि लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गर्मी के मौसम में लगातार बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
उधर, हाल के महीनों में पंजाब के कई जिलों से बढ़ती बिजली मांग, तकनीकी दिक्कतों और बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं की खबरें सामने आती रही हैं, जिसके चलते विभिन्न इलाकों में बिजली बाधित होने की शिकायतें भी दर्ज की गई हैं।




