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HomePoliticsसेशेल्स में भारत की बढ़ती मौजूदगी, चीन की बढ़ी बेचैनी! हिंद महासागर में नई रणनीतिक चाल

नई दिल्ली/विक्टोरिया। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत ने अपनी रणनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में भारतीय नौसैनिक जहाजों के सेशेल्स पहुंचने और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ने से क्षेत्रीय भू-राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। माना जा रहा है कि भारत की बढ़ती सक्रियता पर चीन भी करीबी नजर बनाए हुए है।

भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से समुद्री सुरक्षा, तटरक्षक सहयोग, प्रशिक्षण और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में साझेदारी रही है। हालिया नौसैनिक दौरे को इसी सहयोग का हिस्सा माना जा रहा है। भारतीय नौसेना के जहाजों ने सेशेल्स में संयुक्त अभ्यास, समुद्री सुरक्षा और आपसी समन्वय से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया।

हिंद महासागर में भारत की रणनीति

हिंद महासागर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। भारत लंबे समय से इस क्षेत्र में अपने मित्र देशों के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की नीति पर काम कर रहा है। सेशेल्स, मॉरीशस, मालदीव और श्रीलंका जैसे देशों के साथ भारत लगातार सामरिक संबंध मजबूत कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन साझेदारियों का उद्देश्य समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने, तस्करी और प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटना है।

चीन की भी बढ़ी गतिविधियां

दूसरी ओर, चीन भी पिछले कुछ वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ा रहा है। चीनी युद्धपोत और अनुसंधान जहाज समय-समय पर इस क्षेत्र में देखे जाते रहे हैं। यही वजह है कि भारत और चीन के बीच इस क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर लगातार चर्चा होती रहती है।

हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि भारतीय जहाजों के सेशेल्स पहुंचते ही चीन ने विशेष रूप से प्रतिक्रिया स्वरूप अपने युद्धपोत भेजे हों। विभिन्न देशों की नौसैनिक गतिविधियां अक्सर पहले से तय कार्यक्रमों और समुद्री मिशनों का हिस्सा होती हैं।

भारत-सेशेल्स संबंध क्यों हैं अहम?

सेशेल्स हिंद महासागर में एक महत्वपूर्ण द्वीपीय राष्ट्र है, जिसकी भौगोलिक स्थिति समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती है। भारत ने वर्षों से सेशेल्स को तटरक्षक जहाज, डोर्नियर विमान, रक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग दिया है। दोनों देशों के बीच समुद्री निगरानी और सुरक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।

क्षेत्रीय संतुलन पर नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर में भारत अपनी “सुरक्षा और विकास के लिए क्षेत्रीय सहयोग” (SAGAR) नीति के तहत मित्र देशों के साथ संबंध मजबूत कर रहा है। वहीं चीन भी अपने समुद्री हितों की रक्षा के लिए इस क्षेत्र में सक्रिय बना हुआ है।

आने वाले समय में हिंद महासागर में भारत और चीन की रणनीतिक गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी, क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

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Posted By City Home News

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