नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालात के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत की ओर आने वाले LPG, LNG और कच्चे तेल से लदे कुल 56 टैंकरों में से 30 टैंकर होर्मुज क्षेत्र से निकल चुके हैं, जबकि 26 टैंकर अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं और जहाजों की आवाजाही पर बढ़ी निगरानी के कारण कई टैंकरों की गति प्रभावित हुई थी। हालांकि अब स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में जहाज सुरक्षित रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर देश की तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि 30 टैंकरों के निकलने से तत्काल आपूर्ति को लेकर चिंताएं काफी हद तक कम हुई हैं।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं, शेष 26 टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समन्वय जारी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि होर्मुज क्षेत्र में हालात सामान्य बने रहते हैं तो भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। फिलहाल देश के पास पर्याप्त रणनीतिक और वाणिज्यिक भंडार उपलब्ध हैं, जिससे किसी भी अल्पकालिक व्यवधान से निपटा जा सकता है।
मुख्य बिंदु:
- भारत के लिए आ रहे 56 टैंकरों में से 30 होर्मुज क्षेत्र से निकले।
- 26 टैंकर अभी भी मार्ग साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
- टैंकर LPG, LNG और कच्चे तेल की खेप लेकर भारत आ रहे हैं।
- सरकार और ऊर्जा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
- विशेषज्ञों ने तत्काल आपूर्ति संकट की आशंका को कम बताया है।
एंकर इंट्रो:
“होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। LPG, LNG और कच्चा तेल लेकर आ रहे 56 टैंकरों में से 30 टैंकर संकटग्रस्त क्षेत्र से निकल चुके हैं, जबकि 26 अब भी इंतजार में हैं। आखिर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर इसका क्या असर पड़ेगा, देखिए यह रिपोर्ट।”




